मेरा वतन महान है

 

तिरंगा जिसकी शान है, हर भारतीय की जान है,

वही तो हिन्दोस्तान है, मेरा वतन महान है.

 

  उगलती है ज़मीं जहां पे सोना चाँदी मोतियाँ

   महक रही है हर तरफ मोहब्बतों की खेतियाँ

   झुका ये आसमान है, फिदा यहाँ जहान है

   वही तो हिन्दोस्तान है, मेरा वतन महान है.

 

बयाँ हो मुझसे किस तरह से इस वतन की ख़ूबियाँ

फ़लक को छू रही है मेरे पर्वतों की चोटियाँ

मंदिर में बजती घन्टियाँ, होती कहीं अज़ान है

वही तो हिन्दोस्तान है, मेरा वतन महान है.

 

    ये चीन पाक किस तरह इस देश को मिटाएंगे

    दिया नहीं, सूरज हैं हम तो किस तरह बुझाएंगे

    मिटाने वाले खुद मिटेंगे ये मेरा ऐलान है

    वही तो हिन्दोस्तान है, मेरा वतन महान है.

 

अठारह सोलह बीच के सभी ये गीत गाएंगे

वतन पे आँच आई तो लहू में भी नहाएंगे

नेसार तेरी फिक्र क्या सभी की ये उड़ान है

वही तो हिन्दोस्तान है मेरा वतन महान है.

Nesar Ahmad Misbahi

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